Character of human being

जिसका जैसा ” चरित्र ” होता है,उसका वैसा ही मित्र होता है !शुद्धता होती है विचारों में ,आदमी कब पवित्र होता है !फूलों में भी कि कीड़े पायें जाते हैं ,और पत्थरों में भी हीरे पायें जाते हैं !बुराई को छोड़कर अच्छाई देखिये तो सही ,नर में भी नारायण पाये जाते हैं!