Bloody Villagers नहीं Bloody District Magistrate कहीऐ जनाब – Mohit Bhati Advocate

Bloody Villagers नहीं Bloody District Magistrate कहीऐ जनाब

त्रिपुरा के एक विवाह मण्डप में नाइट कर्फ्यू के बावजूद चल रहे शादी समारोह में जिला मजिस्ट्रेट शैलेश यादव अपने दल बल के साथ पहुंचे और अपने प्रशासनिक पद का जमकर दुरुपयोग किया। मैं यह देखकर हैरान हूं कि प्रशासनिक पद पर कार्यरत व्यक्ति इतना असभ्य कैसे हो सकता है ।  शादी की परमिशन का दस्तावेज जोकि जिला मजिस्ट्रेट शैलेश यादव के दफ्तर से ही जारी किया गया है उसे फाड़ कर के एक महिला के मुंह पर दे मारने वाला व्यक्ति इस पद पर बैठने के काबिल नहीं हो सकता और महिला आयोग को भी उसकी इस हरकत पर जरूर सख्त से सख्त कार्यवाही करनी चाहिए । 

This order was valid till the solemnize of the marriage there is No time limit was set.

जिस देश और समाज में महिलाओं का सम्मान नहीं होता वह देश और समाज अंधकार के गर्त में चला जाता है । वह कभी विकसित नहीं हो सकता । मुझे यह कहते हुए बिल्कुल भी अचरज नहीं हो रहा कि अंग्रेज हमारे देश से चले गए लेकिन उनका डीएनए अभी भी कुछ लोगों में मौजूद रह गया है । वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि जिला मजिस्ट्रेट के पद पर बैठा यह व्यक्ति आम जनता को ही नहीं बल्कि पुलिस को भी गाली दे रहा है यहां तक कि एक आईपीएस पर हाथ उठा रहा है जो कि बेहद शर्मनाक कृत्य हैं ।

मैं उनकी इस बत्तमीजी पर यही कहना चाहूंगा कि 

” Don’t have you manners Bloody District Magistrate कतई पागल “


गांव की मिट्टी से निकल कर के गांव के ही लोगों को Bloody Villagers का तमगा देने वाले ये जनाब यह भूल गए कि कभी भी अपनी जड़ों को नहीं भूलना चाहिए। आखिर असली हिंदुस्तान गांवो में ही बसता है हर पढ़े-लिखे व्यक्ति को यह बात ध्यान रखनी चाहिए । गांव का व्यक्ति,किसान बेशक कम पढ़ा लिखा हो सकता है लेकिन वह दिन रात अपने खेतों में मेहनत कर अन्न उगाता है जिसे आप लोग आसानी से अपने घरो में बैठ कर खाते हो । अगर किसान आपकी तरह असंवेदनशील हो जाए और अन्न उगाना बंद कर दे तो तुम्हें अपनी हकीकत का अंदाजा हो जाएगा । 

यह तो रही छोटी छोटी मगर मोटी बातें लेकिन आओ मजिस्ट्रेट साहब अब कुछ कानून की बातें भी कर लेते हैं ।

शायद डीएम साहब को कानून का ज्ञान कम और पद का घमंड ज्यादा है तो मैं उनकी जानकारी के लिए बता देना चाहता हूं कि भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 353 तो आपने पढ़ ली लेकिन जरा भारतीय दंड संहिता 1860  की धारा 21भी पढ़ लीजिए। आप एक लोक सेवक हैं ना कि मालिक । प्रशासनिक पद पर बैठे प्रत्येक व्यक्ति को उसकी गरिमा को भी बनाए रखना होता है शायद आप अज्ञानतावश यह भूल गए । और शादी में मौजूद इन लोगों के खिलाफ अगर कोई कार्रवाई भी की जाती है तो वह भारतीय दंड संहिता की धारा 188/ 269/ 270 के अन्तर्गत आती है जो कि जमानतीय अपराध है ।


और आप किसी भी ऐसे जमानतीय अपराध के लिए उनको बल पूर्वक लॉकअप में नहीं डाल सकते और ना ही उनके साथ हाथापाई कर सकते हैं । गिरफ्तारी से पहले दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 41 को भी पढ़ लीजिए ताकि गिरफ्तारी कैसे और किन मामलों में की जाएगी आपको यह भी पता चल जाएगा। दंड प्रक्रिया संहिता 1973, की धारा 46(4) के अंतर्गत किसी भी महिला को सूर्यास्त के बाद और सूर्य उदय से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता और यदि आप ऐसा करते हैं तो उसका स्पष्टीकरण भी आपको देना पड़ेगा । और ऐसी गिरफ्तारी केवल महिला पुलिस कर्मी द्वारा ही की जा सकती है ।
क्योंकि जिस कानून के तहत आप कार्रवाई कर रहे हैं आपको उसकी पूरी जानकारी भी होनी जरूरी है। और रही बात मारपीट कर सबके सामने बेइज्जती करने की तो अगर यह लोग चाहे तो आप के खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी चला सकते हैं । आपने दो परिवारो को पूरे देश के सामने जिस तरीके से अपमानित किया है यहां तक कि दूल्हा-दुल्हन और डॉक्टर साहब और महिलाओ के साथ भी दुर्व्यवहार किया है। अब ये आपके खिलाफ क्या कार्रवाई कर सकते हैं वो मै इन्हें  बताऊंगा। So Mr. #DM are you ready  for the legal action against you which we are going to do ?

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