Arjun bhati Golfer 🏌️‍♂️ the real corona worrier

Arjun bhati 🏌️‍♂️ with President Shri Pranab mukharji

Arjun bhati 🏌️‍♂️ in President house with his parents. 

Arjun bhati with golf trophy 🏆 

Deepak Bhati Chotiwala 
Arjun 🏌️‍♂️ with Virat & Anushka

चलो तुम्हें घर छोड दूं। Sonu Sood
Selfie with Arjun Bhati 🏌️‍♂️ 

Winning Trophy 

Deepak Bhati Chotiwala 
Arjun with Yuvraj Singh 

Virat’s Selfie with Arjun Bhati 

प्रधानमन्त्री मोदी जी ने भेजा प्रशस्तिपत्र 

DONATED ALL TROPHY 
आज पूरी दुनिया महामारी के दौर से गुजर रही है । हमारा देश भी कोरोनावायरस नाम की इस महामारी से अछूता नहीं है । देश स्वास्थ्य सम्बन्धी सुविधाओं के साथ-साथ आर्थिक तंगी से भी गुजर रहा है। यह एक ऐसा जानलेवा और अनदेखा दुश्मन है । जिसकी वजह से भारत सहित पूरी दुनिया के लोगो को अपने – अपने घरों में रहना पड़ रहा है । लेकिन हमारे परिवार और देश के कुछ सदस्य ऐसे भी हैं , जो अपनी जान की परवाह ना करते हुए इसलिए अपने – अपने घर से बाहर रहते हैं ताकि हम सुरक्षित रह सकें । वे घर परिवार को छोड़कर बाहर हॉस्पिटलों में, सड़कों पर इस महामारी से, इस अनदेखे दुश्मन से लोहा ले रहे हैं । ऐसे ही योद्धाओं को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने #CoronaWarriors का नाम दिया है । इन योद्धाओं में डॉक्टर, पुलिस वाले और यहां तक की हमारे सेना के जवान जो कि इस समय चीनी सैनिकों को लद्दाख में मुंह तोड़ जवाब दे रहे हैं, उनका नाम प्रमुखता से आता है । लेकिन कुछ योद्धा ऐसे भी हैं जो कि घर पर रहकर ही इस महामारी से लड़ने में देश की मदद कर रहे है और दुनिया के सामने मानवता की नई मिसाल पेश कर रहे हैं । चाहे वह आर्थिक रूप से दी जा रही मदद हो, चाहे नई-नई क्रिएटिव वीडियो बनाकर देश के अन्य लोगों का मनोरंजन कर रहे हो या फिर उनको मोटिवेट कर रहे हों । दोस्तों इनको भी मैं किसी योद्धा से कम नहीं मानता और सच्चाई तो ये है कि ये लोग हमारे देश के असली हीरो भी  हैं । दोस्तों  इन  #CoronaWarriors योद्धाओं मे से कुछ नाम इस प्रकार है, अक्षय कुमार, सचिन तेंदुलकर, रतन टाटा, विरेंद्र सहवाग, सोनू सूद,अमित भढ़ाना, दीपक चोटीवाला, बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन सहित तमाम ऐसे हीरो हमारे बीच में हैं जिनका अगर मैं नाम यहां पर लेने लगू तो शायद जगह कम पड़ जाए । लेकिन इन बड़े-बड़े योद्धाओं के बीच एक 15 साल का नन्हा सा योद्धा अर्जुन भाटी गोल्फर भी हमारे बीच में हैं । जिसका योगदान इन बड़े-बड़े योद्धाओं से किसी भी रूप में कम नहीं है । इस रियल लाइफ हीरो अर्जुन भाटी की तुलना मैं महाभारत के अर्जुन पुत्र अभिमन्यु से करना चाहूंगा । जिसने इतनी छोटी सी उम्र में कौरवों के व्यूह रचना को भेदकर बड़े-बड़े योद्धाओं के दांत खट्टे कर दिए थे और उस युद्ध में अहम भूमिका निभाकर स्वर्णिम अक्षरो मे अपना नाम इतिहास के पन्नो में दर्ज करवाया था । दोस्तों अर्जुन भाटी ने इतनी छोटी सी उम्र में Three times Junior Golf world 🌎  Championship की  Trophy 🏆अपने नाम कर अपने माता – पिता का ही नही बल्कि देश विदेश में रह रहे समस्त भारत वासियों का मान बढ़ाया है । इस नन्हे योद्धा का जन्म एक बहुत ही संस्कारी गुर्जर परिवार में हुआ है। जो कि ग्रेटर नोएडा के मायंचा गाव के रहने वाले हैं । दोस्तों मेरी बड़ी तमन्ना है कि देश के ऐसे नन्ने हीरो से मिलने की जिसने की अपनी इच्छा से अपनी बचपन की कमाई, अपनी लगन और मेहनत से जीती हुई समस्त ट्राॅफियों को देश के नाम कर दिया । अपने हुनर के दम पर उन्होंने देश का नाम रोशन किया। देश का मान बढ़ाया और बदले में देश ने उनको ढेर सारा प्यार दिया, उनको स्टार बनाया । लेकिन जब बात देश की सुरक्षा की आई तब उन्होने अपनी खुद की कमाई  ₹111000 रूपए और उनकी दादी श्रीमति मेहरचन्दी जी ने अपनी एक साल की पेन्शन 206148/ रूपए PM CARE FUND में जमा करवा दी और इतना ही नहीं जब इतने से भी उनका दिल नही भरा तो उन्होंने 
 पिछले 8 साल में  देश-विदेश से जीतकर कमाई हुई 102 ट्राॅफियो को नीलाम कर  और उनसे प्राप्त धनराशि 4,30000/ रूपए और निशानी के रूप में अपने कटे हुए शूज जिन्हें पहन कर चोट के बावजूद उन्होंने U.S 🇺🇸 Kids junior world 🌎 golf championship 2018 जीती थी, को  ₹330000 में वनीश प्रधान जी को बेचकर समस्त धनराशि को देश के पीएम केयर फंड में जमा कर एक अहम योगदान दिया । मैं वनीश प्रधान जी को भी बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार प्रकट करना चाहूंगा । क्योंकि उन्होंने भी एक प्रकार से ऐसा करके संकट के समय में अपना योगदान दिया है। इस पर देश के प्रधानमन्त्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उनके नाम दिनांक 30/04/2020 को एक प्रशस्तिपत्र भेजा । जिसमें उन्होने लिखा कि आपने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्फ की प्रतिस्पर्धाओ में जीते पुरूस्कारो के जरिए जुटाई गई धन राशि जमा कर देश सेवा की अनुपम मिशाल पेश की है। समस्याएं तो सभी के जीवन में आती हैं लेकिन आप उन्हें किस तरीके से लेते हैं इसी से आपके व्यक्तित्व का पता चलता है। कुछ लोगों का व्यक्तित्व बड़ी मुसीबतों में बड़ा निखर कर आता है । अगर दामिनी फिल्म में सनी देओल के सामने अमरीश पुरी जैसा विलन ना होता तो शायद उनका ढाई किलो का हाथ इतना फेमस ना हुआ होता । सचिन तेंदुलकर की 2003 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ बनाए गए 98 उनकी अब तक की सबसे बड़ी पारियों में से एक ना होती यदि उनके सामने पाकिस्तान और पाकिस्तानी वसीम अकरम, वकार यूनिस और शोएब अक्खतर जैसे दुनिया के सबसे खतरनाक बाॅलर ना होते। और शायद बडे मैच का बडा खिलाडी विराट कोहली को चेस मास्टर नाम ना दिया जाता यदि प्रैसर में उनका खेल ऐसे निखर कर न आता । महेन्द्र सिंह धोनी यूं ही नहीं दुनिया के सबसे बेहतरीन कप्तान और सबसे बेहतरीन FINISHER बन गए। 
 ” जब आंधी-तूफान आते हैं और आसमान में तेज बिजली कडकडा रही होती हैं तो पेड़ों पर बैठे सभी पक्षी अपना-अपना आसरा ढूंढते है, लेकिन बाज आसमान की ऊंचाइयों को चीरते हुए बादलो से ऊपर उड़ता है ” कुछ ऐसा ही हुनर है तीन बार जूनियर गोल्फ वर्ल्ड चैंपियन जीत चुके अर्जुन भाटी में  और ऐसा में नही कह रहा हूँ बल्कि खेल और देश के प्रति उनके जुनून से यह चरितार्थ हो रहा है । अपने आदर्श और देश के प्रधानमन्त्री मोदी जी का प्रशस्तिपत्र पाकर अर्जुन भाटी  का उत्साह और बढ गया और वे इतने पर ही नही रूके बल्कि अपना समय भी देश के नाम कर दिया और दिनांक 04/05/2020 को अपने Twitter handle  पर  Twitte करते हुए लिखा कि 
(1) कोई भी व्यक्ति जो मेरे घर आए समय के अनुसार मैं उनको आदर पूर्वक भोजन कराऊगां 11000/ रूपए , 
(2) कोई भी व्यक्ति जो मेरे घर आए मैं उनको आदर के साथ लंच + डिनर + एक रात घर रहना और अगले दिन का ब्रेकफास्ट कराऊगां रूपए 21000/
(3) अगर कोई व्यक्ति आग्रह करे तो मै अपने परिवार के एक सदस्य के साथ उनके घर तीन घण्टे के लिए आ सकता हूँ रूपए 21000/
(4) यदि कोई अपने परिवार सहित मेरे घर आए तो मै अपने परिवार सहित उनका आदर करूंगा और वो एक रात मेरे घर रूक सकते है। रूपए 51000 और ये रूपए मुझे नही देने बल्कि आप स्वंय PM care fund में जमा कराकर मुझे ई-मेल के द्वारा बता सकते हो ।
भाईयों ये किस्सा इतना भावुक कर देने वाला है कि टवीट पढते समय भी और अब लिखते समय भी आंखे नम हो रही । देश के प्रति ऐसी दिवानगी किसी भी देशभक्त से कम नही है। बल्कि मैं तो देश के लिए शहादत देना और समय देना, दोनो को तराजू के एक ही पलडे में रखकर तोलूगां क्योंकि दोनो ही बराबर महत्वपूर्ण है। और दोनो ही एकबार चले जाए तो वापस नही आते । श्री अर्जुन भाटी ने #ContributewithArjun नाम से मुहिम चला रखी है, जिसके द्वारा अभी तक लगभग 70 लाख रुपए से भी ज्यादा धन राशि प्रधानमन्त्री राहत कोष में जमा करवा चुके है और दिन प्रतिदिन उनकी मुहिम से लोग जुड रहे।
अब मै यहां आपको एक बहुत ही मजेदार बात बताने जा रहा हूँ। भारत सरकार को संविधान ने तीन प्रकार के आपातकाल लगाने की शक्तियाँ दी  है । (1) National Emergency Article 352 (2) State Emergency Article 356 (3) Financial Emergency Article 360
और हम बहुत किस्मत वाले कि देश ने कभी आर्थिक आपातकाल (Financial Emergency) का सामना नही किया। मुझे आशा है कि जब तक भारत मां के पास ऐसे लाल रहेंगे देश को कभी आर्थिक आपातकाल का सामना नही करना पड़ेगा। जिस तरह से महाभारत के युद्ध में श्रीकृष्ण अर्जुन के सार्थी थे। उसी प्रकार इस जीवन रूपी युद्ध में अर्जुन भाटी के सार्थी श्रीकृष्ण के रूप में उनके पिता श्री बाॅबी भाटी है। जो कि अपना करियर छोड़कर बेटे के सपने को पूरा करने मे लगे हुए है।
“संकट की इस घड़ी में जो भी देश के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा और देश की सेवा करेगा उससे पता चलेगा कि वह जीवन में क्या है। वैसे ही जैसे कि अर्जुन भाटी गोल्फर ने दिखा दिया कि वह अपने तिरंगे से कितना प्यार करता है।”

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