69000 सहायक शिक्षक भर्ती घोटाले का खुलासा कर, अपराधियों को जेल भेजने वाले प्रयागराज के एसएसपी रहे सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का तबादला कर वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया

उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के भगवा मुखोटे के पीछे उनकी सरकार भ्रष्टाचार के नए-नए आयाम स्थापित करने में लगी हुई है । जिसका पता देश को तब लगा जब प्रयागराज के एसएसपी रहे सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज

एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज 

 ने एक शिकायत प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए सहायक शिक्षक भर्ती में हो रहे घोटाले का खुलासा किया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने 69000 पदों के लिए सहायक शिक्षक भर्ती निकाली थी। जिसमें हो रहे घोटाले की भनक प्रयागराज के एसएसपी रहे सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज को लग गई और उन्होंने इस सहायक शिक्षक भर्ती घोटाले का खुलासा कर आरोपितों पर मुकदमा दर्ज करवाते हुए जांच शुरू कर दी।

जिसकी विवेचना एसटीएफ की टीम द्वारा की जा रही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ईमानदारी का चोला ओढे हुए उत्तर प्रदेश सरकार में हुए इतने बड़े 69000 सहायक शिक्षक भर्ती घोटाले के खुलासे पर सभी विपक्षी पार्टियां सरकार पर हावी हो गई और भ्रष्टाचार के आरोप लगाने लगी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ जी ने उत्तर प्रदेश में कार्यरत कुछ आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए तथा सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज को वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया । लेकिन अब कुछ बिकाऊ मीडिया सरकार को बचाने में लगा हुआ है तथा नई-नई कहानियां बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से पेश कर रहा है। जिसमें पहले तो न्यूज़ के माध्यम से यह बात फैलाई गई कि प्रयागराज के एसएसपी रहे सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के गनर को कोरोनावायरस वायरस ने अपनी चपेट में ले लिया है। जिसके चलते सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। लेकिन आज हिंदुस्तान समाचार के ब्लॉग पर यह खबर चलाई जा रही है कि एसएसपी के सहपाठी रहे एक दोस्त उनसे मिलने प्रयागराज गए थे। जिनका कोविड-19 टेस्ट कराने पर पॉजिटिव पाए गए और डॉक्टर ने उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट करने की सलाह दी । लेकिन एसएसपी महोदय ने डॉक्टर की बात ना मानते हुए अपने दोस्त को अपने घर पर ही रखा और डॉक्टर को यह कहते हुए धमकाया कि किसी को बताना नहीं है।
कल तक मीडिया की नजर में हीरो रहे 69000 सहायक शिक्षक भर्ती घोटाले का खुलासा करने वाले आईपीएस अधिकारी आज मीडिया की नजर में इतने लापरवाह हो गए हैं कि उन्होंने कोविड-19 के खतरे की परवाह ना करते हुए पूरी पुलिस फोर्स को खतरे में डाल दिया । अब इसमें कितनी सच्चाई है यह या तो सरकार जाने या फिर सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज साहब, लेकिन हमने सोशल वीडियो पर चल रही खबरों का विश्लेषण कर इस आर्टिकल को लिखा है। उपरोक्त घोटाले में शामिल कुछ व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया है । जिसमें सहायक शिक्षा भर्ती परीक्षा का टॉपर और पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ पटेल भी शामिल है तथा अन्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करवाकर एसटीएफ तलाश कर रही है ।
क्या थी जालसाजो की स्कीम :- जालसाजो ने अभ्यर्थियों को सहायक शिक्षा भर्ती में पास करवाने के नाम पर एक स्कीम चलाई हुई थी। जिसमें इच्छुक अभ्यर्थियों से लगभग ₹750,000, जिसमें से एक ₹100000 एडवांस और बाकी पैसे रिजल्ट आने के बाद दिए जाने थे और बदले में जमानती के रूप में अभ्यर्थियों के असल दस्तावेज, मार्कशीट आदि जमा करा ली गई थी।
कैसे हुआ पर्दाफाश :- सहायक शिक्षक भर्ती घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब एक अभ्यर्थी से तय धनराशि 7 लाख 50 हजार रुपए लेने के बाद भी रिजल्ट उसके पक्ष में नहीं आया । तब उसने इसकी शिकायत एसएसपी महोदय से की और उसके बाद एसएसपी महोदय ने तुरंत जांच शुरू करा दी और इस घोटाले की परते खुलती चली गई ।

सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज एसएसपी साहब ने चार्ज छोड़ने से पहले ट्विटर हैंडल से एक भावुक ट्वीट भी किया और प्रयागराज निवासियो का आभार प्रकट करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनायें भी दी।
” एस एस पी प्रयागराज पद पर रहते हुए प्रयागराज की जनता ने जो प्यार और भरोसा दिया उसका मैं सदैव आभारी रहूँगा। आपका यह भरोसा पुलिस पर सदैव बना रहे यही कामना है। प्रयागराजवासियों को अशेष शुभकामनायें। ” 💐💐💐💐💐
–सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज



जैसे ही प्रयागराजवासियों को एसएसपी साहब के ट्रांसफर की जानकारी हुई तब से ही प्रयागराज निवासी अपनी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहें है और उनके ट्रांसफर का विरोध कर रहे हैं।

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